जांजगीर-चांपा : आजीविका संसाधन केन्द्र से मिलने लगा महिला समूह को स्वरोजगार

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अभिसरण से बनाया गया आजीविका संसाधन केन्द्र मां महामाया स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए स्वरोजगार का साधन बन गया है। इस केन्द्र में समूह की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी व्यंजन, चाय-नाश्ता, भोजन की केंटीन खोली है, इससे जो भी आय होती है उसको वर्तमान में केंटीन की व्यवस्थाओं में ही लगा रही हैं। तो वहीं केंटीन के बाजू में बनाए गए हॉल को आगामी दिनों में बिहान मार्ट की तर्ज पर विभिन्न समूहों के उत्पादों के स्टॉल लगाने के लिए देने की कार्रवाई की जा रही है ।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती ललिता गिरी बताती हैं कि उन्हें जिला पंचायत में केंटीन चलाने के लिए कार्य मिला तो उनके समूह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिला पंचायत परिसर में जगह मिलने के बाद जब कार्य शुरू किया तो उन्हें इससे बेहतर आजीविका प्राप्त होने लगी है। जिला पंचायत में लोगों को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों चीला, फरा, बड़ा, चौसेला का स्वाद घर की तरह ही मिल सके यही कोशिश रहेगी। साथ ही सुबह चाय, नाश्ता एवं दोपहर में दाल, चावल, पुड़ी सब्जी रोटी के साथ ही पार्सल की सुविधा भी दी जा रही है। समूह की सुनीता यादव, भगवती गौतम, संतोषी राज, सरस्वती राज, श्याम बाई, रेशमबाई, वेदमती राज, सरस्वती कश्यप, संतोषी कश्यप, सुंदर बाई यादव, बुधवारा यादव, अनुसुईया राज, गीता राज बताती हैं कि जिस कार्य में पुरूषों का दबदबा है उस कार्य को हम महिला समूहों ने मिलकर करने का बीड़ा उठाया है। सभी महिलाएं मिलकर केंटीन का अच्छे से संचालन कर रही है। केंटीन का नाम आयुषी रखा है, जिसका 3 जुलाई 2020 को उद्घाटन किया गया।
स्वरोजगार से जोड़ना ही लक्ष्य:-
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा से जहां एक ओर कोरोना वैश्विक महामारी के बीच लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है तो दूसरी ओर ऐसे संकट के समय लोगों को आजीविका संवर्धन गतिविधियों से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने का काम किया जा रहा है। यही कारण है कि जिला पंचायत परिसर में मनरेगा से बनाई गई। राष्ट्रीय ग्रामीण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मंशा  है कि सभी योजनाओं से ग्रामीणों, महिलाओं की उन्नति के रास्ते खोलकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
हॉट बाजार की तरह लगेगा बिहान मार्ट-
मनरेगा एवं 14 वें वित्त के अभिसरण से आजीविका संसाधन केन्द्र का निर्माण कराया गया। इसमें 4 लाख 31 हजार रूपए मनरेगा एवं 5 हजार रूपए की राशि 14 वें वित्त से स्वीकृत की गई। इस कार्य में मनरेगा के मजदूरों को रोजगार भी प्राप्त हुआ। संसाधन केन्द्र में दो हाल बनाए गए हैं। एनआरएलएम शाखा प्रभारी श्री आकाश सिंह ने बताया कि वर्तमान में मां महामाया स्व सहायता समूह को केंटीन चलाने के लिए एक हॉल दिया गया हैं, जिसमें केंटीन संचालित की जा रही है, तो दूसरे हाल में आगामी दिनों में बिहान मार्ट (हॉट बाजार) की तर्ज पर समूहों को दिया जाएगा। जिसमें समूह द्वारा उत्पादित जैविक खाद, अगरबत्ती, साबुन का निर्माण, ऑफिस की फाइलों से संबंधित, घरों की सजावट का सामान आदि के स्टॉल लगाकर प्रदर्शित किए जाएंगे। यहां पर आम नागरिक आकर खरीदी कर सकेंगे।