केंद्र सरकार द्वारा किसान विरोधी कार्य लगातार डीजल-पेट्रोल के दामों को बढाया जा रहा है – वंदना राजपूत

रायपुर। देश में केंद्र सरकार द्वारा डीजल एवं पेट्रोल के दामों मे प्रतिदिन वृद्धि की जा रही हैं। प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि लगातार डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों को नियंत्रित नहीं कर पाना भाजपा के केंद्र सरकार का सबसे बड़े नाकामी का सबूत है। गरीब वर्ग, मध्यम वर्ग, व्यापारी वर्ग एवं सभी वर्गों को संकट के समय में केंद्र सरकार से राहत एवं सहायता की जरूरत होती है लेकिन केंद्र सरकार सभी को राहत देने के बजाय अतिरिक्त आर्थिक बोझ थोप रही है।

वंदना राजपूत ने कहा कि मोदी जी आप आपने ट्विटर में जाकर एक बार देख लेते जब जरा सी भी पेट्रोल-डीजल के मूल्य मे वृद्धि होता तो मोदी जी आप ट्वीट में लिखते थे “यूपीए सरकार कसाई खानों को सब्सिडी देती और डीजल की कीमतों को बढ़ाती है“। अब आपके हाथों में देश का बागडोर है तो मोदी जी आप लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम कम क्यों नहीं करते? सत्ता पाने के लालच में आप जनता से झूठे वादे किए। बहुत हुआ महंगाई की मार अब बस करो मोदी सरकार और कितना रूलाओगे जनता को। महंगाई से हर वर्ग के लोग त्रस्त है।

वंदना राजपूत ने कहा कि किसान खेती किसानी के कार्य में लगे हुए है डीजल के बढ़ते दामों से परेशान है। खेत जोताई, बोआई से लेकर धान के कटाई , मिजाई एवं बाजार में ले जाने तक ट्रेक्टर , थ्रेशर एवं विभिन्न प्रकार के वाहनो एवं मशीनों का उपयोग करते है डीजल के दाम में वृद्धि होने से इन सभी मशीनों एवं वाहनों की लागत बढ़ जायेगी । नरेन्द्र मोदी जी आप किसानों के हितों के बारे में बात करते है आपको किसान भाइयों की यदि चिंता होती तो डीजल के दामों को नियंत्रित करते एवं कम करते।

वंदना राजपूत ने कहा कि बढ़ते हुए पेट्रोलियम पदार्थों के दामों से महंगाई असमान छू रही है। वाहनों के भाड़ा बढ़ने के कारण दैनिक जीवन के आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि होता जा रहा है। वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण लोगों का आर्थिक स्थिति ठीक नहीं चल रही है। मोदी जी के गलत नीति के कारण देश में जनता कोरोना से मर रहें है जो लोग कोरोना से बच गये ओ मंहगाई से मर जायेगें ।

वंदना राजपूत ने कहा कि स्मृति ईरानी जी, सरोज पांडे जी ,रेणुका सिंह जी को महंगाई डायन से बहुत ही ज्यादा लगाव हो गया है इसलिए महंगाई असमान छू रहा है और भाजपा नेत्रियां मौन हैं। आम जनता इस विपरीत परिस्थिति में केन्द्र सरकार से राहत की अपेक्षा रखती हैं जिस पर ध्यान ना देते हुए केंद्र सरकार आम जनता के हितों के विपरीत कार्य कर रही है।